5G service will be started on 12 October 2022
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दिल्ली।केंद्रीय आईटी मंत्री केंद्रीय आईटी अश्वनी वैष्णव ने शक्ति पोर्टल पर जानकारी दी है कि भारत में 5G सर्विस की शुरुआत अक्टूबर में होगी। इसके लिए आईटी मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर काम कर रहा है। 5G इंस्टॉलेशन का कार्य विभिन्न ऑपरेटरों के साथ मिलकर तेजी से किया जा रहा है।इसके लिए एक फॉर्म भी जारी किया गया है ।
सरकार को उम्मीद है की 5G स्पेक्ट्रम नीलामी से अच्छा फंड सरकार को मिलने की उम्मीद है । भारती एयरटेल ने अपनी पहली किस्त भी जमा कर दी है इससे उसे 5G सर्विस की इंस्टालेशन में परेशानी नहीं आएगी ।
भारत के लोगो को अब 5G सर्विस के लिए ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना होगा और एक नई टेक्नोलोजी से अब भारतीय लोग अनुभव प्राप्त कर सकेंगे ।
आइए जानते 5G सर्विस के विषय में
What is 5G ( 5th generation transmission tech.) technology ?
विश्व एवम् भारत में नई सूचना क्रान्ति का युग आने वाला है पहले यह काम 4G (fourth generation) technology ने किया है अब 5G के विस्तार के बाद इसमें नई दिशा मिलेगी एवम् सूचनाओं का आदान प्रदान तीव्र गति के साथ होगा । पहले जहां सेल्लुअर नेटवर्क की गति 1gbps थी , अब वह बढ़कर 20 gbps होने जा रहा है ।
5G technology से मिलने वाली गति से जहां सूचनाओं का आदान प्रदान आसान होगा एवम् व्यापार की दृष्टि से भी यह अति महत्वपूर्ण है । जिससे विभिन्न प्रकार की बिजनेस एप्लीकेशन ( गेमिंग,वीडियो ग्राफिक, ऑनलाइन इवेंट, वीडियो कॉलिंग) को चलाने में सरलता आयेगी ।
How 5G technology works?
5G पांचवी पीढी का विशाल नेटवर्क के प्रसारण के लिए किसी भी प्रकार के टावर की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि इसमें सिग्नलों का ट्रांसमिशन किया जाता है इसको आसानी से छतों अथवा बिजली के खम्भों में लगे छोटे सेल स्टेशनों के माध्यम से किया जाएगा। ये छोटे सेल मिलीमीटर तरंग स्पेक्ट्रम के कारण काफी ज्यादा महत्त्वपूर्ण एवम् प्रभावी होते है। इस तकनीक का सुचारु रूप से क्रियान्वयन करने के लिए अनलाइसेन्स्ड स्पेक्ट्रम का प्रयोग किया करना आवश्यक होता है। अनलाइसेन्स्ड स्पेक्ट्रम, ऐसा स्पेक्ट्रम होता है जिसे प्राप्त करने के लिए हर कोई स्वतन्त्र है तथा इसके लिए प्राप्तकर्ता को महँगे लाइसेन्स एवं विशेष अनुमति की आवश्यकता भी नहीं होती है।
लेकिन इसका तात्पर्य यह नहीं है कि यह अनलाइसेन्स्ड होने के साथ प्रयोग के सभी मानकों एवं निर्देशों से भी मुक्त हो जाती है। वस्तुतः इसके प्रयोग के लिए भी तय मानकों का अनुपालन करना अनिवार्य होता है। 5G तकनीक के अन्तर्गत विभिन्न अत्याधुनिक तकनीकों; जैसे - मीमो, टीडीडी आदि का प्रयोग किया जाएगा। मीमो (Multiple - Input Multiple Output , MIMO) तकनीकी लगभग 952 एमबीपीएस की तीव्रता के साथ डाउनलोडिंग क्षमता प्रदान करेगी।
भारत के लिए क्यों उपयोगी !
भारत के उभरती हुईं अर्थव्यवस्था है जिसमे 5जी टेक्नोलॉजी की बहुत आवश्यकता है इस प्रकार की टेक्नोलॉजी आने से भारत की सूचना आदान-प्रदान करने की शक्ति बढ़ेगी तथा जितने भी बिजनेस आईडेंटिटी हैं उनको अपना बिजनेस करने के लिए आसानी होगी तथा इसमें भारत में क्रांति आ सकती है।
नेटवर्क स्ट्रैंथ बेहतर होगी , बिजनेस ऐप्स चलाने के लिए आसानी होगी एजुकेशन सिस्टम भारत में बहुत अच्छी तरीके से प्रभावी होगा , टेक्नोलॉजी का विस्तार होगा ,नए स्टार्टअप बनेंगे ,वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग, अच्छी तरह से कार्य करेंगे।
लेकीन भारत में इसका विस्तार आसान नही होगा क्योंकि भारत भू भाग में बहुत सारे गांव ऐसे है भी है जहां पर नेटवर्क कवरेज दे पाना बहुत मुस्किल है खासकर जनजातीय क्षेत्रों में एवम् यहां के लोग ज्यादा शिक्षित भी नही होते साथ में पहाड़ी इलाकों में भी इससे दूरस्थ करने में समय लगेगा । बहुत से भारतीय क्षेत्र ऐसे भी है जहां 4जी नेटवर्क कवरेज भी अच्छी तरह कार्य नही करती है ।
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