Haji Iqbal's troubles escalated, non-bailable warrant issued for his arrest.
हाजी के भाई महमूद अली की न्यायिक हिरासत भी बढ़ी......
सहारनपुर। खनन माफिया और पूर्व विधान परिषद सदस्य हाजी इकबाल की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं, कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है व उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें बना दी गई हैं।.
हाजी इकबाल की अग्रिम जमानत की तीन अर्जियां हाई कोर्ट से खारिज होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट ले लिया है। एसएसपी विपिन हांडा के मुताबिक हाजी इकबाल के खिलाफ महिला से दुष्कर्म समते 25 से ज्यादा मामले अभी तक दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा है और उसकी 128 करोड़ की 174 संपत्तियों को जब्त किया जा चुका है। पुलिस की टीमें बनाकर इकबाल की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
उधर, हाजी इकबाल के छोटे भाई और पूर्व एमएलसी महमूद अली की न्यायिक हिरासत 18 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। उसे नवी मुंबई से पुलिस ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था और कोर्ट ने 4 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। इकबाल और महमूद के अलावा पुलिस को इनके बहनोई दिलशाद की भी तलाश है। इस गैंग ने यूपी और हरियाणा सरकार में यमुना और उसकी सहायक नदियों से अवैध खनन करके करोड़ों की अवैध कमाई कर संपत्ति अर्जित की। एनजीटी ने इन पर 50 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है, जिसे सरकार को इनसे वसूलना है। इसके अलावा मायावती शासन काल में औने-पौने दामों पर जमीनों को खुर्द-बुर्द करने, सरकारी चीनी मिलें खरीदने के आरोपों की जांच चल रही है। ईडी, आयकर, राज्य कर, प्राधिकरण जैसी कई और जांच एजेंसियां दोनों भाइयों और उनके करीबी रिश्तेदारों को जांच के घेरे में लिए हुए हैं।
पूर्व एमएलसी व खनन माफिया हाजी इकबाल के भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली को मुंबई से पूर्व एमएलसी को गिरफ्तार कर पुलिस टीमें देर रात सहारनपुर पहुंची थीं। पुलिस ने महमूद अली को रिमांड लेने के लिए कोर्ट में पत्र भी दाखिल किया है।
उत्तर प्रदेश में अवैध खनन से अपना साम्राज्य खड़ा करने वाले खनन माफिया और पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल (Former MLC Haji Iqbal) उर्फ बाल्ला और उनके भाई महमूद के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सहारनपुर (Saharanpur) जिले में पुलिस प्रशासन ने शनिवार को दोनों भाइयों की 125 बेनामी संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त कर लिया है, इनकी कीमत 107 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
