सेलाकुई
बायांखाला निवासी अध्यांश ने चार वर्ष एक माह और 10 दिन की उम्र में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराया है। अध्यांश ने एक मिनट 52 सेंकेंड में हिंदी बारहखड़ी स्वर सहित सुनाकर सबसे तेज बारहखड़ी सुनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। अध्यांश के पिता आशीष सेमवाल इंजीनियर हैं, जबकि मां प्रियंका रतूड़ी सेमवाल शिक्षिका हैं। अध्यांश सेलाकुई स्थित लिटिल वंडर स्कूल में एलकेजी का छात्र है। इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड की ओर से उसे प्रमाण पत्र, मेडल और ईयर बुक भेंट की गई है।
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